बुंदेलखण्ड क्षेत्र की रियासते

बुंदेलखण्ड क्षेत्र की रियासते

बुंदेलखण्ड क्षेत्र की रियासते छतरपुर, ओरछा आदि में भी 1930 के दशक में जन आंदोलन होते रहे। छतरपुर में 1930 से लगान आंदोलन चल रहा था। 14 जनवरी 1931 को इस संबंध में आयोजित सभा…
व्यक्तित्व विकास

व्यक्तित्व विकास का मुख्य उद्देश्य

व्यक्तित्व विकास का मुख्य उद्देश्य क्या है व्यक्तित्व विकास का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति की जीवन क्षेत्रों में समृद्धि, सफलता, और संतुष्टि प्राप्त करना होता है। इसके अंतर्गत व्यक्ति को अपनी क्षमताओं और नौकरी में प्रदर्शन…
संज्ञा की परिभाषा

संज्ञा की परिभाषा

संज्ञा की परिभाषा संज्ञा का अर्थ है 'नाम' जीवन में प्रायः हम विविध प्रकार के पदार्थी, व्यक्ति और भावों के नाम को इसी के अन्तर्गत परिगणित करते हैं। संज्ञा तीन प्रकार की होती है. (1)…
माखनलाल चतुर्वेदी

माखनलाल चतुर्वेदी

माखनलाल चतुर्वेदी का जीवन परिचय माखनलाल चतुर्वेदी का जीवन परिचय       साहित्यकार व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी माखनलाल चतुर्वेदी का जन्म 4 अप्रैल, 1889 को बाबई में नंदलाल चतुर्वेदी के यहाँ हुआ। माता का नाम सुन्दरबाई था।…
वैदिक साहित्य

वैदिक साहित्य क्या है

वैदिक साहित्य का वर्गीकरण प्रस्तुत करें चार वेद चार वेद :- भारत के प्राचीनतम धर्मग्रंथ जिसके संकलनकर्ता कृष्णद्वैपायन (वेदव्यास) है।  ऋग्वेद :- कुल 10 मंडल, देवताओं की स्तुति मंत्र, दसवें मंडल का पुरुष सूक्त चारों…
गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस

26 जनवरी क्यों मानाई जाती है कि हमारा भारत 15 अगस्त 1947 को स्वंतत्र हुआ था यानी आजाद हुआ था पर 26 जनवरी हर वर्षा इस लिए मानाया जाता है कि 26 जनवरी 1950 का…
देवनागरी लिपि का स्थान निर्धारित करते हुए इसकी विशेषताओ

देवनागरी लिपि का स्थान निर्धारित करते हुए इसकी विशेषताओ

देवनागरी लिपि का स्थान निर्धारित करते हुए इसकी विशेषताओ हिन्दी प्रदेश में कई लिपियाँ प्रयुक्त होती हैं- 1. महाजन, 2. बिहारी अथवा कैथी लिपि तथा 3. मैथिली लिपि । कैथी लिपि के तीन स्थानीय रूप…
हिन्द महासागर

हिन्द महासागर

हिन्द महासागर क्या है हिन्द महासागर 10,400 किलोमीटर लम्बे तथा 9,600 किलोमीटर चौड़े क्षेत्र में  विश्व का तीसरा बड़ा महासागर हिन्द महासागर पूर्वी गोलार्द्ध में स्थित है तथा यह उत्तरी और दक्षिणी दोनों गोलाद्ध को…
भाषायी कौशल का मूल्यांकन

भाषायी कौशल का मूल्यांकन

भाषायी कौशल का मूल्यांकन भाषायी कौशलों का मूल्यांकन निम्न है- 1. श्रवण (सुनना) कौशल का मूल्यांकन - साहित्य की विभिन्न विधाओं का शिक्षण करते समय अध्यापक संबंधित विषय-वस्तु की वर्चा छात्रों के सामने करता है।…