ब्रिटिश विजय

ब्रिटिश विजय

मुगल साम्राज्य का पतन 18वीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में महान मुगल शासन की शक्ति एवं प्रतिष्ठा का भारी पतन हुआ। साम्राज्य जिसने दो शताब्दियों से अधिक समय तक भारत के अधिकतर हिस्से पर नियंत्रण किया,…
वास्को डिगामा ने भारत

वास्को डिगामा ने भारत

नाविक हेनरी कहा जाता है, के काम को इसी संदर्भ में वास्को डिगामा भारत के रास्ते की करते हुआ भारत कब आया था केसे आया था देखा जाना चाहिए। 1418 के बाद प्रिंस हेनरी अफ्रीका…
पुर्तगालियों का आगमन

पुर्तगालियों का आगमन

1498 में वास्को-द-गामा दो जहाज लेकर कालीकट में उतरा। उनके चालक गुजराती थे, जिन्होंने अफ्रीकी तट से कालीकट (कोज्जिकोडे) तक इन जहाजों को रास्ता दिखाया था। इसे प्रायः एक नए चरण का आरंभ माना गया…
सिन्धी हड़प्पा सभ्यता की खोज

सिन्धी हड़प्पा सभ्यता की खोज और खोदाई इसने की थी कांस्य शहरी युगीन शहरीकरण

पाकिस्तानी इलाके वाले पंजाब हड़प्पा में कांस्य युग सहयोग की शहरी संस्कृति एक अग्रिम खोज की थी 1853 में एक महान उत्खननकर्ता और खोजी मिति इंजीनियर ए. कनिंघम का ध्यान एक हड़प्पा मुहर पर गई।…
समाचार-पत्र एवं पत्रिकाएं

समाचार-पत्र एवं पत्रिकाएं / महत्वपूर्ण समाचार-पत्र

19वीं और 20वीं शताब्दियों के समाचार-पत्र और पत्रिकाओं, अंग्रेजी के साथ-साथ विभिन्न देशी भाषाओं में प्रकाशित, ने आधुनिक भारतीय इतिहास के सृजन हेतु जानकारी के बेहद महत्वपूर्ण एवं प्रामाणिक स्रोत का निर्माण किया। कुछ समाचार-पत्र…
जीवनी साहित्य, संस्मरण एवं यात्रा वृत्तांत

जीवनी साहित्य, संस्मरण एवं यात्रा वृत्तांत

समृद्ध पुरालेख स्रोत अब पाकिस्तान में अवस्थित हैं। इन अभिलेखों में सबसे अधिक महत्वपूर्ण संग्रह लाहौर के वेस्ट पाकिस्तान रिकॉर्ड ऑफिस में हैं जिसमें, 1894 से पंजा के अभिलेखों के अतिरिक्त, (1804-1857) के दिल्ली रेजीडेंसी…
प्राचीन भारत के इतिहास का महत्त्व/ Prachin bharat Ke Etihas ka mahatve

प्राचीन भारत के इतिहास का महत्त्व/ Prachin bharat Ke Etihas ka mahatve

प्राचीन भारतीय इतिहास का अध्ययन कई कारणों से महत्वपूर्ण है। इससे हमें जानकारी मिलती है कि भारत में प्राचीनतम संस्कृतियों का विकास लोगों ने कब कहाँ और किस प्रकार किया। कैसे उन्होंने कृषि की शुरुआत…

आधुनिक भारतीय इतिहास के स्त्रोत

भारतीय इतिहास लेखन ने भारत में यूरोपियों के आगमन के साथ न केवल उपागम, उपचार और तकनीक में अपितु ऐतिहासिक साहित्य की मात्रा में भी प्रबल परिवर्तन को अनुभव किया। शायद कोई भी अन्य कालावधि…