आदिवासी परंपरा और संस्कृत

आदिवासी परंपरा और संस्कृत

आदिवासी का परिचय जनजातियों की सांस्कृतिक परम्परा और समाज – संस्कृति पर विचार की एक दिशा यहाँ से भी विचारणीय मानी जा सकती है। मानव विज्ञानियों और समाजशास्त्र के अद्येताओं ने विभिन्न जनजातीय समुदायों का…
बुंदेलखण्ड क्षेत्र की रियासते

बुंदेलखण्ड क्षेत्र की रियासते

बुंदेलखण्ड क्षेत्र की रियासते छतरपुर, ओरछा आदि में भी 1930 के दशक में जन आंदोलन होते रहे। छतरपुर में 1930 से लगान आंदोलन चल रहा था। 14 जनवरी 1931 को इस संबंध में आयोजित सभा…
माखनलाल चतुर्वेदी

माखनलाल चतुर्वेदी

माखनलाल चतुर्वेदी का जीवन परिचय माखनलाल चतुर्वेदी का जीवन परिचय       साहित्यकार व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी माखनलाल चतुर्वेदी का जन्म 4 अप्रैल, 1889 को बाबई में नंदलाल चतुर्वेदी के यहाँ हुआ। माता का नाम सुन्दरबाई था।…
वैदिक साहित्य

वैदिक साहित्य क्या है

वैदिक साहित्य का वर्गीकरण प्रस्तुत करें चार वेद चार वेद :- भारत के प्राचीनतम धर्मग्रंथ जिसके संकलनकर्ता कृष्णद्वैपायन (वेदव्यास) है।  ऋग्वेद :- कुल 10 मंडल, देवताओं की स्तुति मंत्र, दसवें मंडल का पुरुष सूक्त चारों…
धार ऐतिहासिक तथा सांस्‍कृतिक इतिहस

धार ऐतिहासिक तथा सांस्‍कृतिक इतिहस

इतिहास ऐतिहासिक तथा सांस्‍कृतिक मालवा परमारों ने नवीं शताब्‍दी से तेरहवीं शताब्‍दी तक मालवा के समीपवर्ती विशाल क्षेत्रफल पर 400 वर्षों तक राज्‍य किया । वाक्‍यपति मुंज तथा भोजदेव इस राजवंश के प्रसिद्ध शासक थे…
मानव के अफ्रीकी पूर्वज

मानव के अफ्रीकी पूर्वज

मानव के अफ्रीकी पूर्वज पृथ्वी 4600 मिलियन वर्ष पुरानी है। इस धरती के भूपटल के विकास का चार चरण टहैं। चौथे चरण को चतुर्भाग (क्वाटरनरी) कहा जाता है। यह दो युगों में विभाजित है, जिसे…
अलीराजपुर

जिले का इतिहास

राज्य का प्रारंभिक इतिहास बहुत स्पष्ट नहीं है, राज्य के संस्थापक या तो आनंद देव या उदे देव थे। राज्य का नाम "अली के किले" और "राजपुर की राजधानी" के नाम पर पड़ा। अलीराजपुर के…
ब्रिटिश विजय

ब्रिटिश विजय

मुगल साम्राज्य का पतन 18वीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में महान मुगल शासन की शक्ति एवं प्रतिष्ठा का भारी पतन हुआ। साम्राज्य जिसने दो शताब्दियों से अधिक समय तक भारत के अधिकतर हिस्से पर नियंत्रण किया,…
वास्को डिगामा ने भारत

वास्को डिगामा ने भारत

नाविक हेनरी कहा जाता है, के काम को इसी संदर्भ में वास्को डिगामा भारत के रास्ते की करते हुआ भारत कब आया था केसे आया था देखा जाना चाहिए। 1418 के बाद प्रिंस हेनरी अफ्रीका…
पुर्तगालियों का आगमन

पुर्तगालियों का आगमन

1498 में वास्को-द-गामा दो जहाज लेकर कालीकट में उतरा। उनके चालक गुजराती थे, जिन्होंने अफ्रीकी तट से कालीकट (कोज्जिकोडे) तक इन जहाजों को रास्ता दिखाया था। इसे प्रायः एक नए चरण का आरंभ माना गया…