खड़ीबोली का परिचय

खड़ीबोली का परिचय

खड़ीबोली का परिचय देते हुए उसकी विशेषताओं का उल्लेख कीजिए। आधुनिक काव्य में साहित्य, शासन तथा शिक्षा आदि के क्षेत्र में अभिव्यक्ति का माध्यम खड़ी बोली बन गई है। इस शब्द का प्रयोग आज सामान्यतः…
भाषाओं का पारिवारिक वर्गीकरण

भाषाओं के पारिवारिक वर्गीकरण का आधार क्या है

भाषाओं के पारिवारिक वर्गीकरण का आधार क्या है भाषाओं का पारिवारिक वर्गीकरण- सत्तरहवीं सदी से पूर्व तक भाषा शास्त्रियों ने कभी स्वप्न में भी यह नहीं सोचा था कि आरम्भ में अनेक मूल भाषाएँ रही…
विश्व की भाषाओ का वर्गीकरण

विश्व की भाषाओं का वर्गीकरण

विश्व की भाषाओं का वर्गीकरण किन किन आधारों पर किया सकता है? गणना करने वाले भाषा वैज्ञानिकों ने संसार की भाषाओं की संख्या लगभग 2796 बतलायी है। इनका वर्गीकरण निम्न आधारों पर किया जा सकता…
द्विवेदी युग के काव्य की प्रवृत्तियों

द्विवेदी युग के काव्य की प्रवृत्तियों पर प्रकाश

द्विवेदी युग के काव्य की प्रवृत्तियों पर प्रकाश डालिए खड़ी बोली काव्य का विकास-आधुनिक काव्यधारा का द्वितीय उत्थान आचार्य कविता. महावीर प्रसाद द्विवदी के नाम पर 'द्विवेदी युग' कहलाता है। आचार्य द्विवेदी जी के प्रादुर्भाव…
संज्ञा की परिभाषा

संज्ञा की परिभाषा

संज्ञा की परिभाषा संज्ञा का अर्थ है 'नाम' जीवन में प्रायः हम विविध प्रकार के पदार्थी, व्यक्ति और भावों के नाम को इसी के अन्तर्गत परिगणित करते हैं। संज्ञा तीन प्रकार की होती है. (1)…
देवनागरी लिपि का स्थान निर्धारित करते हुए इसकी विशेषताओ

देवनागरी लिपि का स्थान निर्धारित करते हुए इसकी विशेषताओ

देवनागरी लिपि का स्थान निर्धारित करते हुए इसकी विशेषताओ हिन्दी प्रदेश में कई लिपियाँ प्रयुक्त होती हैं- 1. महाजन, 2. बिहारी अथवा कैथी लिपि तथा 3. मैथिली लिपि । कैथी लिपि के तीन स्थानीय रूप…
हिन्दी साहित्य में प्रगतिवाद के साहित्यकारों की रचनाओं का उल्लेख

हिन्दी साहित्य में प्रगतिवाद

हिन्दी साहित्य में प्रगतिवाद के साहित्यकारों की रचनाओं का उल्लेख प्रगतिवाद का प्रारम्भ छायावादी कवियों ने ही किया, यह इसकी आवश्यकता एवं स्वाभाविक विकास के सत्य को पूर्णतया प्रमाणित कर देता है। प्रगतिवाद जीवन के…
भाषा विज्ञान की अध्ययन पन्द्धतियाँ

भाषा विज्ञान की अध्ययन पन्द्धतियाँ

भाषा वैज्ञानिकों ने भाषा विज्ञान की तीन प्रमुख अध्ययन पद्धतियों का विस्तारपूर्वक उल्लेख किया है, जिनका संक्षपत विवरण नीचे लिखी पंक्तियों में प्रस्तुत किया जा रहा है। 1. समकालिक  अध्ययन पद्धरति-समकालिक भाषा-विज्ञान कीअध्ययन पद्धति को…
अलीराजपुर

जिले का इतिहास

राज्य का प्रारंभिक इतिहास बहुत स्पष्ट नहीं है, राज्य के संस्थापक या तो आनंद देव या उदे देव थे। राज्य का नाम "अली के किले" और "राजपुर की राजधानी" के नाम पर पड़ा। अलीराजपुर के…