नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय अभिलेखागार भारत सरका सरकार के अधिकतर परालेखों को सहेजता है। यह संग्रह 18 वीं शताब्दी के मध्य से वर्तमान समय तक के आधुनिक भारत के सृजन हेतु अभिलेखों की अटूट श्रृंखला प्रदान करता है। लोक विभाग के अभिलेख 1773 के रेग्यूलेटिंग अधिनियम से संवैधानिक परिवर्तनों, केंद्रीकृत राजव्यवस्था के उदय, और कंपनी के प्रशासनिक व्यवस्था के विकास के अध्ययन हेतु विस्तृत स्रोत सामग्री प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, 1857 के पश्चात् के प्रशासनिक एवं संवैधानिक विकास जैसे लोक सेवाओं का गठन, स्थानीय स्वशासन का प्रारंभ, भारतीयकरण की समस्या और प्रांतों का प्रादेशिक पुनर्गठन इत्यादि बेशकीमती सामग्री भी इस श्रृंखला में पायी जाती है।
जेम्स रेनल की 1767 में प्रथम सर्वयर जनरत ऑफ बंगाल के रूप में नियुक्ति के साथ, भारत के अनजान क्षेत्रों एवं इसके सीमा क्षेत्रों का वैज्ञानिक रूप से मानचित्रण शुरू हुआ। भारतीय सर्वेक्षण के अभिलेखों एवं सर्वेयरों के जर्नल्स एवं वृतांतों ने न केवल भौगोलिक अध्ययन के लिए अपितु समकालीन सामाजिक-आर्थिक दशाओं और अन्य महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्यों के अध्ययन के लिए भी मूल्यवान सूचना प्रदान
लोक, न्यायिक एवं विधायी विभागों की कार्यवाहियों ने औपनिवेशिक सरकार की सामाजिक एवं धार्मिक नीतियों के अध्ययन हेतु पर्याप्त प्रमाण प्रदान किए हैं। रिफॉर्म कार्यालय के अभिलेख भारत में 1920-1937 के दौरान संवैधानिक विकास के विश्लेषणात्मक अध्ययन के लिए बेहद उपयोगी हैं।

राज्य के अभिलेखागारों में अभिलेखों
(i) भूतपूर्व ब्रिटिश भारतीय प्रांतों,
(ii) भूतपूर्व राजसी राज्य जिन्हें 1947 के पश्चात् भारतीय संघ में शामिल कर लिया गया, और
(iii) ब्रिटिश शासन के अतिरिक्त विदेशी प्रशासन – से सम्बद्ध सामग्स्त्रोरी मिलाती हैं |
इसके अतिरिक्त, उन भारतीय शक्तियों के के अभिलेख, जिन्हें ब्रिटिश शक्ति ने हथिया लिया और उनके क्षेत्र को ब्रिटिश क्षेत्र में मिला लिया, भी आधुनिक भारतीय इतिहास के लिए महत्वपूर्ण स्रोत सामग्री है।
न्यायिक अभिलेख न्यायिक अभिलेख भारत में न्यायिक प्रशासन के विकास का प्राथमिक प्रमाण प्रदान करते हैं। ये विभिन्न वर्गों के लागों की सामाजिक आर्थिक दशा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं। फोर्ट सेंट जॉर्ज में मेयर के कोर्ट का पुरालेख, 1689 ईस्वी के प्रारंभ पर, सबस े पहले उपलब्ध न्यायिक पुरालेख है। अब यह मद्रास अभिलेख कार्यालय में है। फोर्ट विलियम में मेयर कोर्ट के प्लासी पूर्व (1757) अभिलेख नष्ट हो गए प्रतीत होते हैं, लेकिन 1753-1773 के वर्षों के अभिलेख 1774-1861 के वर्षों के अभिलेख बंगाल के सर्वोच्च न्यायालय सहित कलकत्ता उच्च न्यायालय के अभिलेख कक्ष में रखे गए हैं। इसी प्रकार, 1728 में बॉम्बे में स्थापित मेयर कोर्ट के अभिलेख महाराष्ट्र सचिवालय रिकॉर्ड ऑफिस में उपलब्ध हैं, जहां पर बॉम्बे अभिलेख न्यायालय
एवं सुप्रीम कोर्ट के अभिलेख भी रखे गए हैं। ऐतिहासिक अनुसंधान के दृष्टिगत, तीन प्रेसिडेंसियों के सदर कोर्ट – सदर दीवानी और फौजदारी अदालतें – के न्यायिक अभिलेख बेहद उपयोगी हैं। इनसे संबंधित अभिलेखों को कलकत्ता, मद्रास एवं बॉम्बे उच्च न्यायालयों में सुरक्षित रखा गया है।
प्रकाशित अभिलेख
प्रकाशित अभिलेखीय सामग्री आधुनिक भारत के इतिहास के सृजन हेतु बेहद महत्वपूर्ण सूचना स्रोत हैं। संसदीय पत्र अत्यधिक महत्वपूर्ण पुरालेखीय प्रकाशन होते हैं जिसमें क्राउन के अंतर्गत ईस्ट इंडिया कंपनी और भारत सरकार के अभिलेखों से विपुल उद्धरण शामिल हैं। 1801-1907 के बीच जारी संसदीय पत्रों की सूची उपलब्ध है।
राष्ट्रीय अभिलेखागार और विभिन्न राज्य अभिलेखागारों द्वारा जारी अभिलेख प्रकाशन आधुनिक भारतीय इतिहास के विद्यार्थियों के लिए अत्यधिक उपयोगी हैं। भारतीय एवं प्रांतीय विधानमण्डलों की कार्यवाहियां, केंद्रीय एवं प्रांतीय सरकारों द्वारा प्रकाशित गजट और समय-समय पर जारी विधियों एवं विनियमों का संग्रह भी ऐतिहासिक शोध हेतु उपयोगी सामग्री है।
■ निजी पुरालेख
निजी अभिलेखों में व्यक्तियों एवं परिवारों से सम्बद्ध पत्र एवं दस्तावेज होते हैं जिन्होंने आधुनिक भारत, व्यवसाय एवं औद्योगिक निगमों तथा राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक,
शैक्षिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को समर्पित संस्थाओं, समाजों एवं संगठनों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। देश की शैक्षिक एवं सांस्कृतिक उन्नयन से सम्बद्ध समृद्ध सामग्री विश्वविद्यालयों एवं शैक्षिक संस्थानों के पुरालेखों में उपलब्ध है। बैंकों, व्यापार घरानों और चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अभिलेख आर्थिक परिवर्केतनों अध्ययन में बेहद उपयोगी हैं। राष्ट्रवादी आंडोलन के प्रसिद्ध एवं प्रमुख नेताओं के पत्र तथा नई दिल्ली स्थित नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एवं लाइब्रेरी में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस जैसे संगठनों के अभिलेख भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष के इतिहास के संवर्द्धन में अत्यधिक उपयोगी हैं।
धन्यवाद
